भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने शीतकालीन प्रवासों की भूमि उनके नाम दर्ज करने की सीएम से उठाई मांग

 भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने शीतकालीन प्रवासों की भूमि उनके नाम दर्ज करने की सीएम से उठाई मांग
bagoriya advt
WhatsApp Image 2022-07-27 at 10.18.54 AM

चमोली : जिले में भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र से लगी नीति और माणा घाटी के दर्जनों गांवों के ग्रामीण पीढ़ियों से शीतकाल में घाटी को छोड़ निचले इलाकों में निवास करते हैं। लेकिन वर्तमान तक जनजाति के ग्रामीणों की शीतकालीन प्रवासों की भूमि उनके नाम दर्ज नहीं हो सकी है। जिसके लिये भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने अब मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से देहरादून में मुलाकात कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
बता दें चमोली जिले की भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र में निवास करने वाली भोटिया जनजाति ग्रीष्मकाल में पीढियों से नीती और माणा के अपने पैत्रिक गांवों में निवास कर खेती करते हैं। वहीं शीतकाल में निचले इलाकों में प्रवास करते हैं। लेकिन वर्तमान तक शीतकालीन प्रवासों पर उनकी भूमि दस्तावेजों में उनके नाम दर्ज नहीं हो सकी है। जिससे अब निचले क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों के लिये भूमि अधिग्रहण में उन्हें सरकार की ओर से दिये जाने वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं जनजाति के ग्रामीणों की भूमिहीन होने की स्थिति पैदा हो गयी है। ऐसे में जिले जनजाति के ग्रामीण सरकार से शीतकालीन प्रवासों की भूमि को उनके नाम दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। मामले में मुख्यमंत्री की ओर से ग्रामीणों को शीघ्र नियमों के तहत कार्रवाई कर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया गया है। इस मौके पर ग्राम प्रधान कागा-गरपक पुष्कर सिंह राणा, बैशाख सिंह रावत व नन्दन सिंह रावत आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Share
error: Content is protected !!