ग्रामीण विद्य़ालय से शिक्षकों को व्यवस्था पर कर्णप्रयाग भेजने का पीटीए ने किया विरोध

 ग्रामीण विद्य़ालय से शिक्षकों को व्यवस्था पर कर्णप्रयाग भेजने का पीटीए ने किया विरोध
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चमोली : सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा को लेकर प्रयास की बात कही जा रही है। लेकिन शिक्षकों की कमी ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को झेलनी पड़ रही है। यहां शिक्षा विभाग की ओर से जीआईसी जाख के रसायन और जीव विज्ञान के प्रवक्ताओं को रोटेशन के आधार पर जीजीआईसी कर्णप्रयाग में व्यवस्था कर दी गई है। जिसे लेकर विद्यालय से लाभांवित होने वाले आस-पास के 6 गांवों के ग्रामीण, अभिभावक और जन प्रतिनिधियों ने विरोध शुरु कर दिया है। ग्रामीणों ने व्यवस्था समाप्त न किये जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि शिक्षा विभाग की ओर से राबाइंका कर्णप्रयाग में रसायन और जीव विज्ञान के प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को देखते हुए। राइका जाख के इन विषयों के प्रवक्ताओं को 15 दिन राबाइंका कर्णप्रयाग में सेवा देने की व्यवस्था बनाई है। जिसका पीटीए जाख की ओर से विरोध किया जा रहा है। पीटीए अध्यक्ष आरएस पुंडरी और भुवन नौटियाल का कहना है कि विद्यालय में आसपास के 6 गांवों के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने के चलते जहां कोरोना के चलते बंद पड़े विद्यालय में ऑन लाइन की सुविधा भी छात्रों को सुचारु रुप से नहीं मिल पाई। ऐसे में अब विद्यालयों का सुचारु संचालन होने पर विभागीय अधिकारियों की ओर से छात्रों पर व्यवस्था थोप दी गई है। जिससे विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीटीए पदाधिकारियों का कहना है कि जहां बाजारों में निवास कर रहे बच्चों के पास पढाई के लिये अन्य साधन भी उपलब्ध हैं। वहीं ग्रामीण छात्र विद्यालय के पठन-पाठन पर ही निर्भर रहते हैं। जिसे देखते हुए पीटीए की ओर से व्यवस्था समाप्त करने की मांग की जा रही है। इस मौके पर ग्राम प्रधान कोली पुष्पा देवी, ग्राम प्रधान दियारकोट सीमा देवी, ग्राम प्रधान जाख शशी देवी, सविता देवी, सुनीता देवी, राजेश्वरी देवी, हेमलता देवी, उर्मिला देवी आदि मौजूद थे।

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