स्वर्णिम विजय वर्ष के तहत आयोजित किया गया था माउंट त्रिशूल पर्वतारोहण अभियान

 स्वर्णिम विजय वर्ष के तहत आयोजित किया गया था माउंट त्रिशूल पर्वतारोहण अभियान
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चमोली: माउंट त्रिशूल पर्वतारोहण के दौरान हुई घटना के बाद सोमवार को पहली बार नौ सेना के अधिकारियों ने अभियान की जानकारी साझा की है। नौ सेना के अधिकारियों ने बताया कि घटना में 5 जवान और एक शेरपा हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गये थे। जिसमें से 4 जवानों के शवों को खोज कर वेस्टर्न नेवल कमांड भेज दिया गया है। वहीं हादसे में लापता चल रहे 1 जवान और शेरपा की खोजबीन भारतीय सेना और वायु सेना की ओर से की जा रही है।

सोमवार को जोशीमठ में रियर एडमिरल सूरज बरी ने बताया कि भारतीय सेना की ओर से स्वर्णिम विजय वर्ष पूर्ण देश में मनाया जा रहा है। जिसके तहत त्रिशूल पर्वतारोहण के लिये वेस्टर्न नेवल कमांड के 20 जवान त्रिशूल पर्वत पर पर्वतारोहण के लिये 3 सितंबर को मुम्बई से रवाना हुए थे। इस मिशन का नाम आईएनएस त्रिशूल 2 माउंट त्रिशूल रखा गया था। बताया कि त्रिशूल एक जहाज का नाम है जिसके आधार पर इस मिशन का नाम रखा गया था। पर्वतारोही के इस दल को एक से तीन अक्टूबर के मध्य पर्वत को फतह करना था। लेकिन अभियान के दौरान त्रिशूल के शिखर से हिमस्खलन होने से 5 जवान हिमस्खलन की चपेट में आ गये। भारतीय सेना ने क्षेत्र में खोज-बचाव अभियान चलाकर 4 जवानों के शवों को निकाल लिया है। जबकि एक जवान और एक शेरपा की खोजबीन अभी भी जारी है। बताया की अभियान पर गये तीन जवान इससे पूर्व एवरेस्ट की चोटी पर भी पर्वतारोहण कर चुके थे। कहा कि त्रिशूल पर्वत पर हालात बेहतर खतरनाक बने हुए हैं। बार-बार हो रहे हिमस्खलन से खोज-बचाव अभियान में परेशानियां आ रही हैं। लेकिन खोज और बचाव की ओर से जल्द एक जवान और शेरपा को खोजकर अभियान समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

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