जोशीमठवासियों ने तहसील मुख्यालय पर किया प्रदर्शन, समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई

 जोशीमठवासियों ने तहसील मुख्यालय पर किया प्रदर्शन, समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई
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चमोली : जोशीमठ विकासखंड और नगर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा है।

जोशीमठ नगर पालिका के अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, कांग्रेस के कमल रतूड़ी, सीपीआई एमएल के राज्य कमेटी के सदस्य अतुल सती का कहना है कि जोशीमठ क्षेत्र भूस्खलन और भू धंसाव से प्रभावित है। क्षेत्र के कई गांव भूस्खलन और भू धंसाव के चलते कभी भी पूरी तरह नेस्तनाबूद हो सकते हैं। गांधीनगर वार्ड के कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारे पड़ चुकी हैं। कुछ घर उजड़ गए हैं और रहने लायक नहीं रह गए है। जिनके निवासी दर दर भटकने को मजबूर हैं। वर्ष 1976 में गठित मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट ने इस संदर्भ में आशंका प्रकट की थी। किन्तु सरकारों के लापरवाही के चलते आज बड़ी आबादी और एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक नगर के सामने भविष्य का संकट पैदा हो गया है।

उनका कहना है कि क्षेत्र लगातार आपदा की मार झेल रहा है। जल विद्युत परियोजनाओं की कार्यप्रणाली का आपदाओं को आमंत्रण और बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका रही है। इन परियोजनाओं की पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन रिपोर्ट झूठ के पुलिंदे के सिवा कुछ नहीं हैं। जिसका खामियाजा आज स्थानीय जनता भुगतने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि लम्बे आंदोलन के फलस्वरूप हेलंग-जोशीमठ, जोशीमठ-मारवाड़ी सड़क चैड़ीकरण और राजमार्ग की स्वीकृति केंद्रीय राजमार्ग  मंत्री से वार्ता के उपरांत हासिल की। लेकिन उसको फिर से लटकाया जा रहा है। बायपास को प्राथमिकता दे कर जोशीमत के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे क्षेत्र की जनता बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसी प्रकार जोशीमठ-औली मार्ग के विस्तार और चैड़ीकरण को भी इसी तरह लटकाया जा रहा है । जो जनता के साथ धोखा है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि सम्पूर्ण जोशीमठ क्षेत्र का तत्काल व्यापक भूगर्भीय एवं पर्यावरणीय सर्वेक्षण, 1976 की मिश्रा कमेटी की तर्ज पर,  उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर करवाया जाए, कमेटी को समयबद्ध रिपोर्ट देने को कहा जाय, जोशीमठ क्षेत्र में जो लोग इस आपदा के चलते बेघर हो रहे हैं उनके समुचित पुनर्वास की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाय,  उत्तराखण्ड की विस्थापन और पुनर्वास नीति की समीक्षा की जाय, वर्तमान नीति विस्थापितों के साथ पूर्ण न्याय नहीं करती है वह अपर्याप्त और त्रुटिपूर्ण है, सम्पूर्ण जोशीमठ क्षेत्र के लिए मुफ्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाय, बिजली की पुरानी लाईन को बदला जाए, हेलंग-जोशीमठ और जोशीमठ मारवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के चैड़ीकरण और विस्तारीकरण को केंद्रीय मंत्री के वादे के मुताबिक तुरन्त अमल में लाया जाय,   जगह-जगह से क्षतिग्रस्त जोशीमठ-औली मोटर मार्ग के चैड़ीकरण, विस्तारीकरण का कार्य तुरंत किया जाय। प्रदर्शन करने वालों में शैलेंद्र पंवार, अतुल सती, कमल रतूड़ी, हरीश भंडारी, लक्ष्मी लाल, मंजू देवी, सुमित्रा देवी, सीतादेवी, सतेंद्र नखोलिया, अरविंद कुमार, जय प्रकाश भट्ट, प्रदीप भट्ट आदि मौजूद थे।

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