कैसे बढेगा उर्गम घाटी में पर्यटन: घाटी की सड़क ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिये बनी आफत

 कैसे बढेगा उर्गम घाटी में पर्यटन: घाटी की सड़क ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिये बनी आफत
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चमोली: सरकार की ओर से जहां जिले की उर्गम घाटी में पर्यटन गतिविधियां बढाने को लेकर सर्किट बनाने की बात कही जा रही है। वहीं घाटी की लाइफ लाइन हेलंग-उर्गम सड़क स्थानीय ग्रामीणों और घाटी में पहुचने वाले सैलानियों व पर्यटकों के लिये परेशानी का सबब बनी है।

वीरवार को हेलंग-उर्गम सड़क हेलंग से 3 किमी की दूरी पर भूस्खलन होने से क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में घाटी के विकास को लेकर सरकार, शासन और प्रशासन की कवायद का अंदाजा लगाया जा सकता है। बता दें कि उर्गम घाटी में दर्जनभर से अधिक गांवों के साथ ही पंच केदारों में से एक कल्पेश्वर महादेव का मंदिर भी स्थित है। जहां वर्षभर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिये खुले रहते हैं। वहीं घाटी में नगदी फसलों के उत्पादन के साथ ही पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं। लेकिन सड़क के खस्ताहालत घाटी के विकास के लिये आफत बना है।

गुरुवार को सड़क बाधित होने के बाद ग्रामीणों के साथ ही श्रद्धालु व पर्यटक भी यहां पैदल आवाजाही को मजबूर हैं। जबकि कल्पेश्वर मंदिर के दर्शनों को गये तीर्थयात्रियों के वाहन भी घाटी में फंस गये हैं।  लक्ष्मण सिंह नेगी व ग्राम प्रधान अनूप सिंह ने बताया कि सड़क गुरुवार को दोपहर बाद अचानक हुए भूस्खलन से बाधित हो गई है। जिसकी सूचना प्रशासन के अधिकारियों को दी गई है।

 

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