लिंग भेद को समाप्त करने के लिये पढ़े लिखे वर्ग करने होंगे प्रयास- बोले वक्ता

 लिंग भेद को समाप्त करने के लिये पढ़े लिखे वर्ग करने होंगे प्रयास- बोले वक्ता
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गोपेश्वर : समाज में व्याप्त लिंग भेद की भावना को समाप्त करने के लिये समाज के पढे़ लिखे वर्ग प्रयास करने होंगे। साथ ही बेटियों की शादी की उम्र 21 वर्ष करने से परिवार को लेकर परिपक्व समझ विकासित होगी जिससे समाज को नई दिशा मिल सकेगी। यह बात राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष पुष्पा पासवान ने रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित छात्रा सम्मेलन के दौरान कही।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित छात्रा सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए महिला आयोग की उपाध्यक्ष पुष्पा पासवान ने कहा कि महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए मन में दृढ़ इच्छा शक्ति रखनी होगी, तभी जाकर आगे बढ़ा जा सकता है। बताया कि सरकार की ओर से महिलाओं और बेटियों को अवसर प्रदान करने के लिये शादी की उम्र 21 वर्ष किये जाने की कवायद की जा रही है। जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। इस फैसले से एक परिपक्व परिवार सामने आयेगा और समाज को नई दिशा मिल सकेगी।

वंही संगठन की नगर सह मंत्री दीपिका रावत ने कहा की जीवन का असल प्रारंभ ही छात्र जीवन से होता है, यही वह समय है जब जीवन का असल लक्ष्य निर्धारित होता है । इस दौर में महान व्यक्तियो के अनुसरण व अनुकरण से हम आगे बढ सकते है । समाज और हमें ये मनन करने की आवश्यकता है की जब महिला दुनिया की आधी आबादी है, और वह हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है, तो इसे सीमी में बेटी बचाओ बेटी पढाओ के नारे की आवश्यकता क्यो पडी इसके मूल मे जाने की आवश्यकता है.

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय गोपेश्वर की गृह विज्ञान की प्रवक्ता डा. रंजू बिष्ट ने कहा कि लिंग भेद को समाप्त करने के लिये हमें घर से बच्चों के अंदर ऐसे संस्कार पैदा करने होंगे कि बच्चों के मन में यह भावना पैदा ही न हो। कहा कि छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित करने के साथ सामंजस्य के साथ सतत प्रयास कर लक्ष्य प्राप्ति तक कार्य करने होंगे। कहा कि किसी भी राष्ट्र के निर्माण के लिये आधी आबादी के सहयोग को नकारना विकास के लिये बेहतर नहीं होता इतिहास गवाह है कि समाज को बदलने में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। इसलिए छात्राओं को वर्तमान में मिल रहे अवसरों को लाभ लेकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने होंगे। इस मौके पर अनीशा रावत की ओर से प्रस्तुत कभी ना पूछना भाव कहां से लाती हूँ कविता और आन्या चौहान की ओर से प्रस्तुत नृत्य ने महिलाओं की समाज की स्थिति को प्रदर्शित कर मौजूद लोगों को मंत्र मुग्ध किया।

इस मौके पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष पुष्पा पासवान, डा. रंजू बिष्ट, नगर मंत्री अमित ठाकूर, चैन सिंह रावत, दीपिका, विभाग संयोजक अमित मिश्रा, दीपक बिष्ट आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन संगठन की महाविद्यालय मंत्री नेहा रावत ने किया।

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