Category : विशेष

उत्तराखण्डविशेष

फूलों का अनोखा संसार समेटे चेनाप घाटी

315 हिमालयी फूलों से गुलजार रहती चेनाप घाटी।  चमोली : जिले के जोशीमठ ब्लाॅक में स्थित चेनाप घाटी में स्थित फूलों का अनोखा संसार समेटे चेनाप घाटी आज भी प्रचार-प्रसार न होने के चलते पर्यटकों की नजरों से दूर है। हांलांकि थैंग गांव के युवाओं के प्रयास के बाद कुछ पर्यटक इस घाटी से रुबरु हुए हैं। […]Read More

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देश की पत्रकारिता जगत का नक्षत्र मदन मोहन बहुगुणा

डॉ योगेश धस्माना की कलम से…. ….उत्तराखंड का पत्रकार जगत भी मदन मोहन  बहुगुणा के व्यक्तित्व से अंजान रहा है। पौड़ी नगर के प्रतिष्ठित वकील स्वर्गीय  घनानंद बहुगुणा के बड़े पुत्र मदन मोहन का जन्म 1938 में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा पौड़ी में करने के बाद अच्छी शिक्षा के लिए वे इलाहाबाद चले गए। यहां […]Read More

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प्रकृति के उल्लास का लोकपर्व : फुल संग्राद

गोपेश्वर : चैत्र मास की सक्रांति को उत्तराखंड में फुल संग्राद और फूलदेई लोकपर्व के रुप में पौराणिक समय से मनाया जाता रहा है। चैत्र मास मौसम के परिवर्तन के साथ ही प्रकृति के श्रृंगार का मास है। इस दौरान जहां कड़ाके की ठंड से निजात मिल रही होती है। वहीं उत्तराखंड में हल्की गर्मी […]Read More

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वर्षों से औखांण की परम्परा को संजो रहे डा. वेणीराम अंथवाल

चमोली : उत्तराखंड की युवा पीढी लोकभाषा से दिनों दिन दूर होती जा रही है। ऐेस में लोकभाषा की समृद्ध औखांण (गढवाली कहावत) जैसी परम्परा भी लुप्त होने लगी है। ऐसे में राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग में इतिहास विभाग के प्रवक्ता डा. वेणीराम अंथवाल की ओर से औंखाण परंपरा को संजोने के लिये किया जा रहा […]Read More

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पर्यटक स्थल के रूप में पहचान के लिये सरकारी प्रयासों की बाट जोह रहा मोठा बुग्याल

रुद्रप्रयाग :  राज्य में पर्यटन के बूते आर्थिक मजबूती देने और स्वरोजगार विकसित करने के दावे किये जा रहे हैं। लेकिन राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में सरकार के इन दावों को मुंह चिढाते सैकड़ों बुग्याल, पर्यटक स्थल और मंदिर सरकार की नजर-ए-इनायत का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे ही रुद्रप्रयाग जिले के टूरिस्ट विलेज त्यूड़ी […]Read More

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1946 का नेवी विद्रोह स्वाधीनता संग्राम का गौरवशाली अध्याय

इंद्रेश मैखुरी की कलम से…. भारत की आजादी की लड़ाई के कई प्रसंग बेहद कम चर्चित हैं। 1946 का नेवी विद्रोह भी हमारे स्वाधीनता संग्राम का एक कम चर्चित लेकिन गौरवशाली अध्याय है। यह देश की अवाम यहाँ तक कि अंग्रेजों की रक्षा के लिए बनी सेनाओं के भीतर मुक्ति का विस्फोटक प्रकटीकरण था। यह […]Read More

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घाट के सुंग गांव में आप अब कर सकेंगे गढवाल की पौराणिक वस्तुओं का दीदार

गांव के सेवा निवृत्त कैप्टेन जोत सिंह ने अपने संसाधनों से बनाया संग्रहालय चमोली : आप अगर गढवाल के पौराणिक जीवन की उपयोगी वस्तुओं का दीदार करना चाहते हैं। तो आप अब घाट ब्लॉक के सुंग गांव में गढवाल क्षेत्र में पौराणिक आभूषण, दैनिक उपयोग के घरेलू बर्तन, वाद्य यंत्र, पुराने सिक्के सहित अनेक वस्तुओं […]Read More

उत्तराखण्डधार्मिकविशेष

गोपीनाथ मंदिर का पौराणिक त्रिशूल खा रहा जंक, त्रिशूल का बदल रहा मौलिक स्वरुप

चमोली : गोपेश्वर नगर के गोपीनाथ मंदिर प्रांगण में स्थापित पौराणिक त्रिशूल रख-रखाव के अभाव में जंक खाने से स्वरुप बदलने लगा है। वहीं त्रिशूल खंडित होने का भी भय बना हुआ है। कई बार स्थानीय लोगों की ओर से त्रिशूल के रख-रखाव की पुरातत्व विभाग से मांग की गई, लेकिन वर्तमान तक स्थिति जस […]Read More

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मकर संक्रांति : जानिये क्यों है यह शुभ पर्व, पुण्य काल का समय और पूजा विधि

प्रदीप लखेड़ा ( गौचर ) : हिन्दू धार्मिक मान्यताओं में मकर संक्रांति का धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व है। क्योंकि इस दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ता है और मकर राशि में प्रवेश करता है। 14 जनवरी, शुक्रवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व अपने आप में बहुत महत्व रखने वाला होता […]Read More

उत्तराखण्डधार्मिकविशेष

सात दशक बाद चांई गांव में बिस्कम जागर मेले का हुआ आयोजन

जोशीमठ (महादीप पंवार) : ब्लॉक के चाईं गांव में 70 वर्षों बाद इस धार्मिक मेले का आयोजन किया गया। तीन दिनों तक आयोजित होने वाले इस मेले का शुभारंभ देवता ही करते है। चाईं गांव में थैंग गांव के देवताओं द्वारा मेले का उद्घाटन किया गया। जिसके बाद गांव में तीन दिवसीय मेले का आगाज […]Read More

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